संभवत: यह पहली बार है जब खगोल शास्त्रियों ने हमारी आकाशगंगा मिल्कीवे के बाहर किसी ग्रह (एक्सोप्लेनेट) की खोज की है। नासा की ऑब्जर्वेटरी चंद्र एक्स-रे द्वारा इस ग्रह की खोज की गई है जो अभी तक की सबसे दूरी पर खोजा गया ग्रह है।
नया ग्रह जो खोजा गया है उसकी संभावित लोकेशन स्पाइरल गैलेक्सी Messier 51 (M51) है जिसको Whirlpool Galaxy भी कहा जाता है।
Exoplanets क्या होते हैं?
Exoplanets उन ग्रहों को कहा जाता है जो हमारे सौरमंडल के बाहर हैं। अभी तक खगोल शास्त्रियों ने जिन एक्सोप्लैनेट्स को खोजा है वह सभी हमारी ही आकाशगंगा मिल्की वे में स्थित है और उनकी अधिकतम दूरी 3000 प्रकाश वर्ष है। लेकिन अब जो एक्सोप्लैनेट m51 खोजा गया है, उसकी दूरी हमारी पृथ्वी से 28 मिलियन प्रकाश वर्ष है यानी यह ग्रह हमारी आकाशगंगा मिल्की वे से हजारों गुना दूरी पर स्थित है।
इस नये ग्रह की खोज कैसे की गई?
अत्यधिक दूरी पर स्थित ग्रहों की खोज के लिए वैज्ञानिक प्रकाश के उतार-चढ़ाव का अध्ययन करते हैं । कोई ग्रह किसी तारे के सामने से गुजरता है तो वह ग्रह उस तारे के प्रकाश को उतने समय के लिए ब्लॉक कर देता है और तारे के प्रकाश में ग्रह की एक हल्की से परछाईं दिखाई देती है। दुनिया भर में खगोल शास्त्री टेलीस्कोप के माध्यम से इन्हीं धब्बों/परछाईं का अध्ययन करते हैं और उसी के आधार पर ग्रहों की खोज करते हैं। अभी हाल ही में जो ग्रह खोजा गया है उसको इसी तरह से खोजा गया है।