निकोला टेस्ला का नाम तो आपने सुना ही होगा, जी हां वही निकोला टेस्ला जिनके नाम पर एलन मस्क ने अपनी कम्पनी का नाम रखा है। निकोला टेस्ला एक बेहतरीन वैज्ञाानिक और एण्टरप्रेन्योर थे। लेकिन अधिकतर काबिल लोगों में एक सनक होती है और टेस्ला भी इससे अछूते नहीं थे। आज हम उनकी एक ऐसी ही सनकी आदत के बारे में बताने वाले हैं।
सर्बियन मूल के अमेरिकन निकोला टेस्ला इंजीनियर और भौतिक विज्ञानी थे जिन्होंने बिजली के क्षेत्र में शानदार काम किया था। वे एक जीनियस थे लेकिन उनको एक विशेष किस्म की सनक थी जिसके बारे में बहुत कम लोग ही जानते हैं।

दरअसल टेस्ला को कबूतर पक्षी से बेहद लगाव था। जब वे न्यूयार्क में रह रहे थे, तब वे हर हफ्ते घण्टों समय कबूतरों को दाना डालने में लगाते थे। इसके अलावा जब भी उनको कोई कबूतर घायल अवस्था में मिलता वे उसको अपने घर ले आते। जब भी वे होटल में ठहरते तो वे अपने कमरे की खिड़की खोल देते ताकि कबूतर उनके कमरे में आ सकें। हालांकि उनकी ये हरकत होटल वालों के लिए मुसीबत का कारण बन जाती थी। एक बार तो उन्होंने अपने होटल के शेफ को यह आदेश दिया कि उनके इन अजीब मेहमानों के लिए खासतौर पर विशेष भोजन बनाया जाए। उनका यह कबूतर प्रेम इसलिये भी खास है क्योंकि उनको जर्मोफोबिया था। जर्मोफोबिया एक तरह की मानसिक बीमारी है जिसमें व्यक्ति को किसी भी जानवर को छूने से डर लगता है कि कहीं उसे कोई जीवाणु/विषाणु न संक्रमित कर दे।

टेस्ला ने आजीवन विवाह नहीं किया। वे मानते थे कि शादी उनके रिसर्च में बाधा उत्पन्न करेगी। । वे अक्सर कहा करते थे कि शादी करने के बाद जिन लोगों ने महान आविष्कार किये हैं उनकी गिनती बहुत कम है। लेकिन कहा जाता है कि वे एक सफेद मादा कबूतर के प्रेम में पड़ गये थे जो रोज उनके पास दाना चुगने आती थी। वे कहते थे कि मुझे उस कबूतर से ठीक वैसा ही प्रेम है जैसे किसी आदमी को औरत से होता है। जब तक वो मेरे साथ है मेरे पास जीने का मकसद है।
सन 1922 में टेस्ला ने अपने एक बेहद करीबी को बताया कि वह सफेद मादा कबूतर उनके कमरे में आयी और उसने बताया कि वह अब मरने वाली है। उसके मरते समय उसकी आंखों से एक तेज सफेद रोशनी निकली जैसी उससे पहले टेस्ला ने कभी नहीं देखी थी। उस मादा कबूतर की मृत्यु से टेस्ला इतने दुखी हुए कि उन्हें लगा कि उनके जीवन का मकसद खत्म हो गया।
कबूतर निकोला टेस्ला की अकेली सनक का उदाहरण नहीं थे। वे नम्बर 3 को लेकर भी बेहद सनकी व्यवहार करते थे। जैसे कि वे अपने हाथ लगातार तीन बार धोते थे और अपनी बिल्डिंग में घुसने से पहले उसके चारों ओर तीन चक्कर लगाया करते थे। टेस्ला को मोतियों से नफरत थी और वे उन महिलाओं से बात नहीं करते थे जो मोतियों की माला या आभूषण पहनती थीं। हांलांकि उनके इस व्यवहार का कारण एक रहस्य ही था लेकिन कुछ लोगों का मानना है कि वे obsessive-compulsive disorder पीडि़त थे।
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