अगर हम आपसे पूछें कि वह कौन सा जीव है जिसकी पूंछ कट जाने पर दोबारा उग आती है तो आपका जवाब होगा छिपकली लेकिन अगर हम कहें कि घड़ियाल में भी यह विशेषता है कि वह अपनी कटी हुई पूछ को दोबारा होगा सकते हैं तो क्या आप यकीन करेंगे? शायद नहीं लेकिन वैज्ञानिकों ने एक शोध में यह पाया कि घड़ियाल भी अपनी पूंछ को दोबारा उगा सकते हैं और वह भी लगभग 8 से लेकर 9 इंच तक।

कहां हुई है यह रिसर्च ?
एरीजोना स्टेट यूनिवर्सिटी और लुसियाना डिपार्टमेंट ऑफ वाइल्ड लाइफ एंड फिशरीज के वैज्ञानिकों ने एक युवा घड़ियाल पर यह प्रयोग किया तो उन्होंने पाया कि घडि़याल ने अपनी पूछ लगभग तीन चौथाई फीट तक उगा ली है जो कि उसके कुल शरीर का 18% तक है। यह देखकर वैज्ञानिक चौंक गए । वैज्ञानिकों ने एडवांस इमेजिंग टेक्नोलॉजी का प्रयोग किया इसके अलावा अन्य कई विधियों का प्रयोग किया और अंततः वे इस निष्कर्ष पर पहुंचे कि घड़ियाल भी छिपकली की तरह अपनी पूंछ दोबारा आ सकता है
एरीजोना स्टेट यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर केड कुसमी बताते हैं कि घडि़याल और डायनासोर तथा पक्षियों के पूर्वज 250 मिलियन वर्ष पूर्व एक दूसरे से अलग हुए थे। उसके बाद ही इन प्रजातियों का विकास हुआ । डायनासोर अब इस दुनिया में नहीं है, वहीं पक्षियों में अपने शरीर के अंगों को दोबारा उगाने की क्षमता खत्म हो चुकी है सिर्फ रेप्टाइल जीव ही ऐसे बचे हैं जो अपनी पूंछ जैसे अंगों को दोबारा उगा सकते हैं और घड़ियाल भी रेप्टाइल जीव ही है जैसे छिपकली है।
इस रिसर्च का क्या फायदा होगा ?
घड़ियाल पर हुई इस खोज के बाद वैज्ञानिक शोध कर रहे हैं कि किस प्रकार अन्य जीवो में भी यह विशेषता लाई जा सकती है जिससे उनके क्षतिग्रस्त अंगों की मरम्मत हो सके। यह खोज मानव जगत के लिए एक बड़ी उपलब्धि साबित हो सकती है क्योंकि अगर इस दिशा में हमें कामयाबी मिली तो हम मनुष्य भी अपने क्षतिग्रस्त और कटे हुए अंगों को दोबारा उगाने के बारे में सोच सकते हैं ।
हालांकि यह कब तक होगा यह कहना संभव नहीं है लेकिन वैज्ञानिकों ने इस दिशा में प्रयास करना शुरू कर दिया है।
स्रोत – एरीजोना स्टेट यूनिवर्सिटी।
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